हिमाचल: 12 जगहों में लगेगी डिस्प्ले स्क्रीन, बताएगी कितने प्रदूषण में सांस ले रहे हैं आप

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शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने पर्यावरण जागरुकता के लिए आज राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 12 नवीनतम इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले स्क्रीन का शुभारंभ किया। इन स्क्रीनों को स्थापित करने पर 35 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। यह 12 डिस्प्ले स्क्रीन प्रदेश के 12 स्थानों पर स्थापित की जाएंगी, जिनमें से दो-दो स्क्रीन शिमला तथा धर्मशाला शहरों में तथा एक-एक स्क्रीन बद्दी, डमटाल, कालाअम्ब, मनाली, परवाणु, पांवटा साहिब, सुन्दरनगर तथा ऊना में स्थापित की जाएंगी।

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड संबंधित क्षेत्रों में हवा में मौजूद पीएम-10 नाइट्रोजन ऑक्साइड व सल्फर डाइऑक्साइड की सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाएगा। इसके अतिरिक्त, इन इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले स्क्रीनों पर संबंधित शहरों की पर्यावरण संबंधी जानकारी, जिनमें जल और ध्वनि प्रदूषण, सिविल और जैव चिकित्सा, कचरा प्रबन्धन, जल प्रबन्धन तथा तापमान की जानकारी भी उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्वास्थ्यवर्धक पर्यावरण तथा निगरानी के लिए बोर्ड की इस पहल के प्रयासों की सराहना की। अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा मुख्यमंत्री की प्रधान सचिव श्रीमती मनीषा नन्दा, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव डॉ. आर.के. परुथी तथा बोर्ड के अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, 25 सेवाओं का सीधा लाभ हस्तांतरण तथा आंगनवाड़ियों के लिए मोबाइल ऐप का शुभारंभ भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सभी ऐप राज्य के लोगों को प्रभावी, उत्तरदायी तथा जिम्मेदार प्रशासन प्रदान करने में कारगर सिद्ध होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सभी विभाग सीधे मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से जुड़ेंगे और मुख्यमंत्री को विभागों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं, इनके क्रियान्वयन की प्रगति तथा नई पहलों के बारे में सभी प्रकार की जानकारी प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डैशबोर्ड विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की नियमित निगरानी तथा प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध तरीके से पूरा करना सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को उनकी कार्यप्रणाली तथा चल रही परियोजनाओं के अद्यतन के लिए स्वचालन (ऑटोमेशन) को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि सूचना एवं प्रौद्योगिकी के वर्तमान युग में राज्य सरकार सुशासन के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अभी तक मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के साथ 24 से अधिक विभागों की 53 परियोजनाओं का पंजीकरण किया जा चुका है और शीघ्र ही अधिकांश विभाग मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के साथ पंजीकृत हो जाएंगे।

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